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Mineral and Producing States| प्रमूख खनिज एवं उनके उत्पादक राज्य


भारत में सभी प्रकार के खनिजो की प्राप्ति होती है। धात्विक खनिजों में सोना, चांदी, मैंगनीज, तांबा, सीसा, जस्ता, लोहा, टिन आदि एवं अधात्विक खनिजों में संगमरमर, चुना पत्थर, नमक, हीरा, जिप्सम, अभ्रक आदि खनिज पाये जाते हैं। इनके अलावा युरेनियम, ग्रेफाइट, थोरियम, कोयला, प्राकृतिक गैस आदि भी पाये जाते हैं।

प्रमुख खनिज एवं पाये जाने वाले राज्यों के नाम:-

1. मैंगनीज

  • यह प्रायः काले रंग की होती है एवं अवसादी चट्टानों में पायी जाती है।
  • साइलोमैलिन तथा ब्रोनाइट प्रमुख अयस्क है एवं पाइरुलोसाइट, हालैंडाइट, सीटैपराइट, मैंगेनाइट, रोडोनाइट आदि अयस्कों से भी इसकी प्राप्ति होती है।
  • मध्यप्रदेश, उड़ीसा, एवं महाराष्ट्र प्रमुख उत्पादक राज्य है। इसके अलावा बिहार, गोवा, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, राजस्थान आदि भी उत्पादक राज्य है।
2. लौह अयस्क
  • अवसादी एवं आगेन्य चट्टानों मे लौह अयस्क की प्राप्ति होती है।
  • इसके प्रमुख अयस्क मैग्नेटाइट, हेमेटाइट, लिमोनाइट, सिडेराइट, लैटराइट आदि है।
  • प्राप्ति स्थान:- मैग्नेटाइट अयस्क बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों में पाये जाते हैं। लिमोनाइट अयस्क पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, जम्मु कश्मीर, गुजरात आदि राज्यों में पाये जाते हैं। बिहार, मध्यप्रदेश, कर्नाटक आदि राज्यों में हेमेटाइट अयस्क पाया जाता है।
3. तांबा
  • तांबा की प्राप्ति आग्नेय, अवसादी, एवं कायांन्तरित चट्टानों से होती है। 
  • प्रमुख अयस्क:- क्युप्राइट, मैकेलाइट, तांबा ग्लांस आदि
  • प्राप्ति स्थान:- बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि
4. अभ्रक
  • यह आगेन्य एवं कायांन्तरित चट्टानों के रुप में पाया जाता है।
  • अभ्रक तीन तरह के होते है- श्वेत अभ्रक या रुबी अभ्रक, पीत अभ्रक या फ्लोगोपाइट, श्याम अभ्रक या बायोटाइट।
  • प्राप्ति स्थान:- बिहार, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, केरल, पश्चिम बंगाल, हरियाणा आदि
5. सोना
  • यह आगेन्य एवं कायांन्तरित चट्टानों के रुप में पाया जाता है।
  • प्राप्ति स्थान:- कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु आदि।
6. जिप्सम
  • जिप्सम की प्राप्ति अवसादी चट्टानों से होती है।
  • प्राप्ति स्थान:- राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, जम्मु कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात आदि

7. जस्ता अयस्क

  • जस्ता अयस्क अवसादी शैलों में पाये जाते हैं। इसका उपयोग लोहे को जंगरोधी बनाने एवं उसकी पालिश के लिये किया जाता है।
  • जस्ता की प्राप्ति बहुत ही कम होती है इसलिए विभिन्न देशों से आयात किया जाता है।



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