ग्रुप ऑफ 20 (G20) की स्थापना वर्ष 1999 में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण एवं वित्तीय, व्यवसाय एवं जलवायु परिवर्तन आदि जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के लिये किया गया है।
पुर्व में G20 समुह को G7 समुह कहा जाता था। G7 सात देशो इटली, फ्रांस, जापान, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन का समुह था। वर्ष 1998 में एक और देश रुस को भी सदस्य बनाया गया। रुस को सदस्य बनायें जाने के बाद यह आठ देशों का समुह हो गया जिसे G8 समुह कहा गया।
वर्ष 1999 में G8 समुह के आठ देशों के अलावा और अन्य देशों को सदस्य बनाने का फैसला लिया गया। सदस्य देशों की संख्या 19 और युरोपीय संघ होने के कारण इसे G20 समुह कहा जाने लगा।
G20 समुह मे 19 देश, अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इण्डोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रिपब्लिक आप कोरिया, रुस, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और युरोपीय संघ शामिल हैं। सदस्य देशों के अलावा कुछ देशों को अतिथि के रुप में एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को भी आमंत्रित किया जाता है।
2023 में अतिथि देश, बंग्लादेश, माॅरिशस, ईजिप्ट, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर है एवं आमंत्रित अंतर्राष्ट्रीय संगठन- यूएन, आईएमएफ, डब्ल्यूबी,डब्ल्यूएचओ,डब्ल्यूटीओ,आईएलओ,एफएसबी और ओईसीडी हैं।
G20 का पहला सम्मेलन अमेरिका के वाशिंगटन में हुआ था। वर्ष 2023 में 18वां G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत में किया जायेगा। इस सम्मेलन के अध्यक्षता करने वाले देश द्वारा इसका आयोजन किया जाता है।
कार्यशैली
- जी 20 समुह मे दो कार्य समुह होते है जो नियमित बैठकें करते हैं- 1. वित्त ट्रैक, 2. शेरपा ट्रैक
- वित्त ट्रैक - वित्त ट्रैक का नेतृत्व सदस्य देशों के वित्त मंत्री और सेंट्रल बैंक के गर्वनर करते है ।
- शेरपा ट्रैक - शेरपा ट्रैक का नेतृत्व सदस्य देशों के नेताओं के निजी प्रतिनिधि करते हैं। शेरपा जी 20 के मुल कार्य का समन्वय करते हैं।
G20 के प्राथमिक उद्देश्य
- जी 20 देश आर्थिक एवं वित्तीय नीतियों पर चर्चा और समन्वय करने के लिये हर साल मिलते है। वे मौद्रिक नीति, राजकोषीय नीति, व्यापार और वैश्विक वित्तीय स्थिरता जैसे मुद्दों को संबोधित करते हैं।
- जी 20 देश जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट जैसे विषयों और उनके समाधान पर चर्चा करते हैं।
- विकासशील देशों में असमानता, गरीबी में कमी एवं विकास
- व्यापार से संबंधित विवाद पर चर्चा एवं निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देना
- जी 20 वैश्विक चिंताओं से सामुहिक रुप से निपटने के लिये बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है।
- यह वैश्विक शासन से जुड़ी समस्याओं जैसे व्यापार पर असहमति, विकास के लिये सहायता, भु-राजनीतिक चिंताओं पर चर्चा करने के लिये एक मंच के रुप में कार्य करता है।

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