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बिहार दिवस क्यों मनाया जाता है?: Why Is Bihar Diwas Celebrated?

 


      बिहार, जनसंख्या के हिसाब से भारत का तिसरा सबसे बड़ा एवं क्षेत्रफल के अनुसार  12वां राज्य है। यह भारत के उत्तर-पूर्वी भाग के मध्य में स्थित एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक राज्य है। बिहार के पावन भुमि पर अनेक संतों का जन्म हुआ, यह वही प्रदेश है, जहां महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट, अशोक, अजातशत्रु  एवं बिम्बिसार जैसे महान राजाओं का जन्म हुआ। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद एवं सिक्खों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का जन्म भी बिहार में ही हुआ।

बिहार दिवस


       बिहार प्राचीन काल से ही ज्ञान एवं शिक्षा का केन्द्र रहा है, प्रसिद्ध विश्वविद्यालय नालंदा विश्वविद्यालय, बिहार में स्थित है। देश के बाहर के छात्र भी यहां अध्ययन एवं अध्यापन कार्य करने आते थे। 


बिहार दिवस मनाने का शुरुआत किसके द्वारा एवं कब से किया गया?:Who started Celebrating Bihar Diwas and when? 

      

          बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग कर 22 मार्च 1912 को बिहार को राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ। इसी वजह से प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है। जिसकी  शुरुआत बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी द्वारा वर्ष 2010 से किया गया।

            बिहार दिवस पुरे राज्य में उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य बिहार के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों को प्रदर्शित करना होता है। वर्ष 2025 में बिहार दिवस की थीम ‘उन्नत बिहार, विकसित बिहार’ रखा गया है। इस थीम के तहत बिहार सरकार द्वारा प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन किया जाएगा , ताकि यहां के लोग अपने बिहार की सांस्कृतिक विरासत को जान सकें।

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डिस्क्लेमर:- इस लेख का उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। 


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